BHAGALPUR: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के व्यापार पर भी दिखने लगा है। इसका सीधा असर बिहार के भागलपुर की विश्व प्रसिद्ध सिल्क इंडस्ट्री पर पड़ा है। “सिल्क सिटी” ( Silk City Bhagalpur) के नाम से मशहूर भागलपुर के बुनकर इस अंतरराष्ट्रीय संकट से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। भागलपुर में तैयार होने वाला सिल्क देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ अमेरिका और खाड़ी देशों में भी निर्यात किया जाता है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण व्यापार पर गहरा असर पड़ा है। स्थानीय बुनकरों के अनुसार हाल ही में करीब 25 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे बुनकरों की स्थिति और अधिक संकट में आ गई है।

जब बुनकर इलाकों का दौरा किया गया तो कई जगह लूम बंद पाए गए। सिल्क कारोबारी हेमंत कुमार और आलोक कुमार ने बताया कि कोरोना काल के बाद से ही बुनकरों की हालत खराब चल रही थी। इसके बाद अलग-अलग देशों में हुए युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने व्यापार को और कमजोर कर दिया। उन्होंने बताया कि पहले यहां का तैयार माल बांग्लादेश भी जाता था, लेकिन वहां की स्थिति बिगड़ने के बाद वह बाजार भी लगभग बंद हो गया। ऐसे में बुनकर धीरे-धीरे संभलने की कोशिश कर ही रहे थे कि अमेरिका–ईरान तनाव के बीच शनिवार रात करीब 25 करोड़ रुपये का ऑर्डर कैंसिल हो गया।
बुनकरों का कहना है कि अमेरिकी नीतियों और टैरिफ का असर भी व्यापार पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि जब भी वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तब कोई न कोई संकट सामने आ जाता है। कभी विदेशों में भागलपुर सिल्क की भारी मांग हुआ करती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कई बुनकर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। कुछ बुनकरों का कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो उन्हें अपने लूम बेचकर गुजारा करने की नौबत आ सकती है।
भागलपुर में तसर, मुगा, कोटा, मटका, मलवरी और अरंडी जैसे कई प्रकार के सिल्क कपड़े तैयार किए जाते हैं। लेकिन मौजूदा वैश्विक संकट के कारण यह पारंपरिक उद्योग अब अस्तित्व के संकट से जूझता नजर आ रहा है।
