दिल्ली के दादा देव मंदिर में हुआ भव्य सत्संग, स्वामी आगमानंद जी महाराज ने शिक्षा और दीक्षा पर दिया विशेष संदेश » Recent Bihar

रिपोर्ट – विहान सिंह राजपूत, दिल्ली

DELHI: जीवन में शिक्षा और दीक्षा दोनों जरूरी हैं। इसी संदेश के साथ द्वारका स्थित दिल्ली के दादा देव मंदिर में एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली, नोएडा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया.कार्यक्रम में जगत गुरु रामानुजाचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने प्रवचन दिया। उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मछली पानी से अलग होकर छटपटाती है, ठीक उसी तरह भजन–कीर्तन और सत्संग के बिना साधक का जीवन अधूरा रहता है। जिन श्रद्धालुओं ने साधना और भक्ति का अमृत चख लिया हो, उनके जीवन में सत्संग आवश्यक हो जाता है।

स्वामी आगमानंद जी ने शिक्षा और दीक्षा दोनों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य जीवन को दिशा देती है और यह इच्छा तथा परिश्रम से प्राप्त होती है, जिसका समय–समय पर अनुशीलन भी आवश्यक है। वहीं, दीक्षा चेतना का द्वार खोलती है और मनुष्य को अध्यात्म की राह दिखाती है। उन्होंने कहा कि जिसने दीक्षा न भी ली हो, वह ईश्वर का नाम स्मरण करके साधना कर सकता है। परमात्मा परम शक्ति हैं और हर परिस्थिति में भगवान का नाम जपते रहना चाहिए।

सत्संग कार्यक्रम में 2026 के बड़े आयोजन की भी घोषणा की गई। स्वामी जी ने बताया कि आगामी 4 और 5 जनवरी 2026 को श्री गुरुदेव अवतरण उत्सव के अंतर्गत दो दिवसीय भव्य सत्संग व भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर विशेष रूप से पालम विधायक कुलदीप सोलंकी, मुख्य अतिथि डॉ. युगल के. मिश्रा, संगम विहार विधायक चंदन चौधरी, सकल पंचायत के मुखिया रामकुमार सोलंकी, राकेश नंबरदार, ओमवीर सोलंकी, हरिश सोलंकी, भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र और संकीर्तन सम्राट स्व. बांके बिहारी करील जी के सुपुत्र चेतन जी,राव सतबीर सिंह, एवं दिल्ली कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *