रिपोर्ट – दुर्गेश कुमार, पटना
पटना : बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सख्त निर्देश जारी किया है। अब विश्वविद्यालयों के प्रत्येक प्राध्यापक को यह अनिवार्य रूप से बताना होगा कि उन्होंने कब, कहां और क्या पढ़ाया। यह पूरी जानकारी संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी।
राज्यपाल ने यह बयान बिहार की राजधानी पटना में पहली बार आयोजित एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ईस्ट जोन कुलपति सम्मेलन 2025–26 के दौरान दिया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना द्वारा की गई थी। सम्मेलन में देश के पूर्वी क्षेत्र के 70 विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षाविद मौजूद थे।
राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, विश्वविद्यालयों को प्रत्येक प्राध्यापक के नाम के साथ यह विवरण अपलोड करना होगा कि उन्होंने प्रतिदिन किस विषय की कितनी कक्षाएं लीं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों को शिक्षण एवं परीक्षा कार्यक्रम, दैनिक कक्षा संचालन का ब्योरा तथा वार्षिक परीक्षा से संबंधित रिपोर्ट भी नियमित रूप से वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी। सूत्रों के मुताबिक, लोक भवन की ओर से पहले भी कई बार विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने एकेडमिक शेड्यूल का सख्ती से पालन करें और प्राध्यापक समय पर कक्षाएं संचालित करें। लेकिन अपेक्षित अनुपालन नहीं होने के कारण अब यह सख्त कदम उठाया गया है।
राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस आदेश की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। आदेश के अनुपालन की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग मैकेनिज्म तैयार किया गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालयों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, नियमित कक्षा संचालन सुनिश्चित होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। यह आदेश बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
