PATNA: राजधानी पटना में 889 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विश्वस्तरीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी (Dr. Apj Abdul Kalam Science City) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( CM Nitish Kumar) के दूरदर्शी विजन का साकार और आइकॉनिक मॉडल बताया गया है। बिहार जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को जारी बयान में कहा कि यह साइंस सिटी राज्य को विज्ञान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने वाली ऐतिहासिक परियोजना है।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस साइंस सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं अधिकारियों के साथ लंदन जाकर वहां की साइंस सिटी का अध्ययन और निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने निर्माण कार्य की लगातार समीक्षा, अनुश्रवण और निगरानी की, जिसके कारण यह परियोजना उच्च गुणवत्ता और आधुनिक मानकों के साथ साकार हो सकी है।
उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी विज्ञान और नवाचार का एक अनूठा केंद्र बनकर उभरी है, जो न सिर्फ विद्यार्थियों बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, नवाचार के प्रति रुचि जगाना और शोध की दिशा में उन्हें प्रेरित करना है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि 21 एकड़ क्षेत्र में फैली इस अत्याधुनिक साइंस सिटी में विज्ञान आधारित पांच गैलरी, 269 रोचक विज्ञान प्रदर्श, भव्य ऑडिटोरियम, फोर-डी थिएटर के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों के लिए डोरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध है। ये सभी सुविधाएं इसे एक समग्र, आधुनिक और आकर्षक शैक्षणिक परिसर बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल शैक्षणिक भ्रमण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रयोगों, प्रदर्शनों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान को समझने का व्यावहारिक और रोचक अनुभव प्रदान करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने इसे पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह पूर्वी भारत की पहली साइंस सिटी है, जो राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाएगी।
