भागलपुर में नहाए-खाए के साथ शुरू हुआ जितिया पर्व, गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब » Recent Bihar

भागलपुर। लोक आस्था और परंपरा से जुड़ा जितिया पर्व नहाए-खाए के साथ शुरू हो गया। पर्व की शुरुआत होते ही शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं गंगा स्नान कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धर्म-अनुष्ठान में जुट गईं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगा स्नान के बाद ही महिलाएं पर्व का भोजन ग्रहण करती हैं। जितिया पर्व मुख्य रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना के लिए किया जाता है।

नहाए-खाए के बाद अगले दिन निर्जला उपवास और पूजा-अर्चना की जाती है। यह व्रत विशेषकर मिथिलांचल, मगध और कोसी-भागलपुर क्षेत्र की महिलाओं के बीच अत्यधिक श्रद्धा के साथ संपन्न होता है। श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखा। गंगा घाटों पर आपदा मित्रों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। साथ ही साफ-सफाई और घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा गया।

सुबह से ही विभिन्न घाटों पर पूजा-पाठ का आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने गंगा स्नान के बाद भगवान से अपनी संतानों की मंगलकामना की। कई जगह स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी स्नान करने वालों के लिए सेवाओं की व्यवस्था की। नहाए-खाए के साथ शुरू हुआ यह पर्व रविवार को निर्जला उपवास और संध्या कालीन पूजा-अर्चना के साथ अपने चरम पर पहुंचेगा और सोमवार को पारण के साथ संपन्न होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *