रिपोर्ट – सुमित कुमार, भागलपुर
BHAGALPUR NEWS: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) परिसर स्थित अधीक्षक कार्यालय के समक्ष आज नर्सों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बिहार ए-ग्रेड नर्स एसोसिएशन, पटना के बैनर तले आयोजित हुआ। नर्सों ने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी नर्सों ने प्रमुख रूप से तीन मांगें रखीं। पहली, सेवानिवृत्ति की आयु को 70 वर्ष तक बढ़ाया जाए ताकि अनुभवी नर्सें लंबे समय तक सेवा दे सकें। दूसरी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली की जाए, क्योंकि नई पेंशन स्कीम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। तीसरी, साल में 13 महीने वेतन का प्रावधान किया जाए ताकि काम की प्रकृति और कठिनाई को देखते हुए उनका उचित पारिश्रमिक मिल सके।
धरना के दौरान नर्सों ने जोरदार नारेबाजी की और स्वास्थ्य विभाग की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विभाग उनसे लगातार अन्याय कर रहा है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। नर्सों का कहना है कि प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ वही हैं, इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है।
जोती कुमारी, जो इस धरना में शामिल थीं, ने कहा कि यदि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों को अनदेखा करती रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, नर्स कविता कुमारी ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ उनके अधिकारों के लिए नहीं बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगले चरण में वे अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाएँगी।
नर्सों के इस विरोध से मायागंज अस्पताल परिसर में दिनभर गहमागहमी बनी रही। एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल वार्ता कर समस्याओं का हल निकालने की अपील की है। फिलहाल नर्सों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने हक से पीछे हटने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रहेगा।
