पटना में सोशल मीडिया बना बदलाव का जरिया, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के छात्रों ने रील्स में बुनी एड्स जागरूकता की कहानी » Recent Bihar

PATNA: बिहार राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी और बी. डी. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गर्दनीबाग स्थित बापू टॉवर में आयोजित राज्य स्तरीय युवा प्रतियोगिता “पॉजिटिव मैसेज थ्रू सोशल मीडिया” में राजधानी पटना के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं के बीच एचआईवी/एड्स से संबंधित जागरूकता फैलाना और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का सकारात्मक उपयोग बढ़ाना था।कार्यक्रम में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन कॉलेज की टीम ने अपनी रील्स  के जरिए अनोखी रचनात्मकता  प्रस्तुत की। स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के छात्र – दुर्गेश कुमार, अमर कुमार, करण कुमार, सौरभ कुमार, मुस्कान सिंह, रिया कुमारी और राजनंदनी कुमारी ने संयुक्त रूप से रील्स के द्वारा दिलचस्प तरीके से यह बताया कि किस तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का रचनात्मक उपयोग कर एड्स के प्रति समाज में जागरूकता फैलाई जा सकती है। उनके प्रस्तुतिकरण को निर्णायकों और उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। टीम के विद्यार्थियों ने बताया कि यह प्रतियोगिता न केवल सीखने का अवसर रही, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की प्रेरणा भी बनी।

प्रमाणपत्र के साथ स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की छात्र-छात्राएं

कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में रेडियो एफएम पटना 93.3 की प्रसिद्ध रेडियो जॉकी आर.जे. अंजलि की उपस्थिति ने माहौल को और खास बना दिया। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए जीवन में सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सपने उन लोगों के पूरे होते हैं जो उन्हें सच्चे मन से हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव लाने के साधन के रूप में करे। आर.जे. अंजलि ने यह भी कहा कि युवा शक्ति समाज का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है, जो यदि जिम्मेदारी और सही दिशा में अपनी ऊर्जा लगाएं, तो किसी भी सामाजिक बुराई को मिटाया जा सकता है। विशेषकर एड्स जैसी गंभीर समस्या के प्रति युवाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन और करियर के लक्ष्यों को स्पष्ट रखने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कॉलेजों की टीमों ने भी एड्स के संदेश को रचनात्मक ढंग से रील्स बनाकर  प्रस्तुत किया। आयोजकों के अनुसार, डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं में सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूकता जागृत करने का यह प्रयास अत्यंत सफल रहा।कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल युवाओं की प्रतिभा को निखारते हैं, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी विकसित करते हैं। खबर लिखे जाने तक विजेता की घोषणा नहीं की गई थी।

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