- ब्रह्म कुमारी संस्थान के विशेष सत्र के दौरान तनाव से मुक्ति का मिला सूत्र
- ध्यान, योग और सकारात्मक सोच से सफलता के मार्ग का मिला खास संदेश
PATNA: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), स्कूल ऑफ जियोग्राफिकल स्टडीज (SGS) एवं स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (SJMC) के संयुक्त तत्वावधान में “मानसिक स्वास्थ्य के लिए आंतरिक क्षमता निर्माण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्म कुमारी संस्थान के सहयोग से हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शरद कुमार यादव का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में ब्रह्म कुमारी संस्थान से डॉ. बी.के. शक्तिराज भाई जी तथा राजयोगिनी बी.के. दीपा बहन ने मानसिक स्वास्थ्य, ध्यान और आंतरिक सशक्तिकरण पर विस्तार से व्याख्यान दिया। राजयोगिनी बी.के. दीपा बहन ने शिक्षा और मानसिक संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मन जीते तो जग जीते।” उन्होंने तनाव प्रबंधन और ध्यान के माध्यम से मन को एकाग्र करने के व्यावहारिक उपाय साझा किए।

डॉ. बी.के. शक्तिराज भाई जी ने योग क्रियाओं एवं मानसिक व्यायाम के जरिए सकारात्मक सोच विकसित करने पर बल देते हुए कहा, “आज हमारे पास हर सुविधा है, लेकिन मन अपसेट है। जरूरत है मन को नियंत्रित करने की।”
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निरंजन प्रसाद यादव ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ हुए बिना विकास की कल्पना संभव नहीं है। वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव रंजन ने कठिन परिस्थितियों में मानसिक दृढ़ता बनाए रखने के अपने अनुभव साझा किए।
वहीं मौके पर कार्यक्रम का मंच संचालन स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के छात्र दुर्गेश कुमार एवं मुस्कान ने प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन स्कूल ऑफ जियोग्राफिकल स्टडीज के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष पराशर ने किया। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा प्रकाश सहित विभिन्न संकायों के प्रभारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

